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Bamboo processing machine

Liagi baht

Village-mudang tage

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यह मशीन की खाशियत हे के जो पहाड़ी इलाको में घर बना ने  के लिए बांस के छपरे का इस्माल करते हे और यह     छपरा बनाने के लिए काफी महेनत लगती हे क्योकि छपरा बना ने के लिए बहुत लम्बी प्रोशेष हे और उसे मेन्युअली करना पड़ता हे और इस कम के लिए ४ लोगो की जरुरत पड़ती हे और काफी महेनत वाला काम हे एक दिन में   इसतरह २५ से ३० बांस का छपरा बना सकते हे और इसका इस्तमाल दीवाल बना ने के लिए ज्यादा युस होता हे

इस तरह से वहा के लोग बनाते हे और इसतरह की दीवाल पसंद करते हे और इस के आलावा काफी जगह छत बना ने के लिए भी इस्तमाल करते हे या काफी घरो में इस तरह घर बोर्डर बनाते हे आज काल बड़े घर गाव में भी बन रहे हे इस में भी इस तरह की दीवाल का इस्तमाल करते हे हरेक गाव में इस तरह की दीवाल दिखने को मिलती हे और अरुणाचल नहीं पुरे नार्थइस्ट में इस तरह के चापरे का इस्तमाल दिखने को मिलता हे और इस के आलावा पुरे हिंदुस्तान में कुछ कुछ जगह जहा आदिवासी लोग रहेते हे वहा पर इस का इस्तमाल दिखने को मिलता हे और इस तरह का काम सभी लोग नहीं कर सकते हे क्यू की इस को करने से पहले समाज न बहुत जरुरी हे होर काफी बार चोट भी लगती हे आज के आधुनिक जो घर बन रहे हे उस में भी इसतरह की दीवाल बनती हे

ल्यागी जी ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक मशीन बने हे और इस मशीन से आप आशानी से चापरे बना सकते हो  जो नॉर्मली एक दिन में २५-३० छपरे बनते हे लेकिन इस तरह का मशीन बनाया हे के १३०-१५० छपरे यह मशीन बना सकता हे और इस माशीन में १ HP की इलेक्ट्रीक मोटर लगती हे और २ लेवल में यह मशीन कम करता हे

  • पहेला बांस को गुमाना हे और वोवो उस के गांठ को ब्लेड गुम कर उनको काटने का कम करेगी ओर वो मोटर से गुमेगा टो ताकत कम कर नि पड़ेगी और वो कट होजाएगा
  • दूसरा के उनको मेन्युअली स्टेट करने के बाद रोलर में डालना हे रोलर गुमेगा और छपरे में जो फालतू लकड़ी हे और बांस की जो गांठ हे उनको सही करेगी और उनको बिलकुल स्टेट करेगी और उस में जेक हे टो आप उनको प्रेश भी अछि तरह कर सकते हो
  • मशीन को युस करना आसन हे कोय भी उनको इस्तमाल कर सकता हे और सिंगल फेज बिजली से उनको चला सकते हे
  • यह मशीन में और भी इम्प्रूव मेंट हो सकताबुल हे उसको हलका बना सकते हे और ज्यादा सुन्दर भी बना सकते हे

यह मशीन उन्होंने १९९८ में बनायाथा और इस प्रोटोटायप को २००४ में ज्ञान ने IIT गुवाहटी में बुलायाथा लेकिन उसपर आगे कुछ कम नहीं हुवा हे यह मशीन की कोय कॉपी न करले इस लिए उन्होंने आज तक छुपा कर रखा हे अभीतक इस के ऊपर आगे काम नहीं हुवा हे

कस्टमर फीडबेक

  1. पम्लुक में छपरे बनाने वाले एक परिवार से बात हुवी और उन्होंने कम करते करते बताया की यह कम बहुत समय लगता है तो इसतरह का मशीन मिल जाये तो घर बना नेका आधा काम हो जायेगा और १५० छपरे बनेगे तो हम जरुर उनको खिरद लेगे
  2. एक कारीगर से बात की मशीन तो अच्छा हे लेकिन उनकी कीमत बहुत ज्यादा हे ५० हजार रुपे तो आप खरीद सकते हो तो उन्होंने बोला के पूरा गाव मिलकर खरीद लेगे
  3. रोबू बुकर ने बताया के यह मशीन बन जायेगा तो आज भी उनकी डिमान्ड इतनी हे क्योकि यहाँ पर ज्यादा तर लोग लकड़ी के घर में रहेना पसंद करते हे और दूसरा यहाँ का बांस जो हे वो सिंगल सिंगल होता हे तो यह मशीन में इच्छी तरह युस कर सकते हे
  4. काटने के बाद उसको सीधा कर के फिर उनको लेवल करते हे (समूथ करते हे ) और उनको क़तर से कट कर करते हे उसको दो तरफ से करना पर्द्ता हे जिसे बिल्कुद दीवाल बना ने के लायक बन जाये

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मेन्युअली प्रोशेष गांठ कटिंग करते हे बांस को गुमा गुमा कर जिसे बांस चारो तरफ से फटता हे लेकिन कट ता नहीं हे

मेन्युअली प्रोशेष गांठ कटिंग करते हे बांस को गुमा गुमा कर जिसे बांस चारो तरफ से फटता हे लेकिन कट ता नहीं हे और इस में खाली बांस को गुमाना हे वो अपने आप कट ता हे

काटने के बाद उसको सीधा कर के फिर उनको लेवल करते हे (समूथ करते हे ) और उनको क़तर से कट कर करते हे उसको दो तरफ से करना पर्द्ता हे जिसे बिल्कुद दीवाल बना ने के लायक बन जाये इस रोलर में ब्लेड लगी हुवी हे वो अपने आप उनको साफ करती हे

यहाँ १ hp की मोटर लगी हुवी हे उस मोटर से पूरा कम होता हे दूसरा उसके बाजु में एक जेक सिस्टम लगी हवी हे जो बांस को जरुरत के हिसाब से फिट करती हे और उनको साफ करती हे

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